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छत्तीसगढ़ / एसआईटी ने मंतूराम के खाते खंगाले, पता लगाएगी 7 करोड़ का ट्रांजेक्शन कैसे हुआ

छत्तीसगढ़ /	एसआईटी ने मंतूराम के खाते खंगाले, पता लगाएगी 7 करोड़ का ट्रांजेक्शन कैसे हुआ

रायपुर/कांकेर. अंतागढ़ टेपकांड मामले में पखांजूर से लेकर राजधानी रायपुर स्थित विधानसभा तक सरगरमी रही। सोमवार को पखांजूर में एसआईटी ने मंतूराम के बैंक ट्रांजेक्शन खंगाले। 7 करोड़ रुपए के कथित लेन-देन की जानकारी जुटाने के लिए ये जांच की गई।  वहीं, विधानसभा में इस मामले में भाजपा-जोगी कांग्रेस एकजुट नजर आए। दोनों ने सरकार पर धमकाने का आरोप लगाया। जिस पर सत्ता पक्ष ने कहा- ऐसे काम क्यों किया कि पुलिस ढूंढ रही है। सदन की कार्रवाई 3 बार स्थगित हुई। 14 विपक्षी विधायक सस्पेंड कर दिए गए। जानिए अंतागढ़ टेपकांड मामले में क्या हुआ दिनभर पखांजूर से लेकर विधानसभा तक...

पखांजूर में नहीं थे मंतूराम, जिन्होंने बीच में बांटी तय रकम अब उनकी पतासाजी


एसआईटी भारतीय स्टेट बैंक पहुंची। यहां मंतूराम के खातों से हुए ट्रांजेक्शन की पड़ताल की। मंतूराम सोमवार को पखांजूर स्थित आवास में नहीं थे। उनके बेटे आदित्य ने कहा, ‘सोशल मीडिया पर दिनभर हमारे घर में एसआईटी जांच की खबर वायरल हो रही थी। यहां कोई जांच करने नहीं आया।’ अब तक एसआईटी को पता चला है कि कांकेर के रास्ते पैसे अंतागढ़ पहुंचे। पर तय रकम नहीं आई। बीच में जिन्होंने बांटी उनकी जानकारी जुटाई जा रही है। एसआईटी के कुछ सदस्य कांकेर और अंतागढ़ में कैंप कर तथ्य जुटा रहे हैं। सोमवार को मामले में कांग्रेस नेता केशकाल निवासी अमीन मेमन धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराने रायपुर एसपी ऑफिस पहुंचे, पर नहीं हो सके। अब मंगलवार को बुलाया गया है।

कांग्रेस सरकार को यह शोभा नहीं देता। वृहस्पति सिंह ने कहा कि हां, ये तो भाजपा सरकार को शोभा देता था। ऐसा काम क्यों करना कि पुलिस ढूंढती रहे। विधायक लक्ष्मी ध्रुव ने कहा कि इनकी सरकार थी तो ये कांग्रेसियों को परेशान करते थे। इस पर दोनों तरफ से नारेबाजी होने लगी। स्पीकर ने सदन की कार्रवाई 5 मिनट के लिए स्थगित कर दी। सदन की कर्र‌वाई शुरू होने पर सभापति सत्यनारायण शर्मा ने बृजमोहन अग्रवाल से ध्यानाकर्षण सूचना पढ़ने को कहा, पर वे नहीं उठे। फिर उन्होंने धरमजीत सिंह का नाम लिया, लेकिन उन्होंने भी सूचना नहीं पढ़ी। विपक्ष चर्चा कराने की मांग पर अड़ा रहा और हंगामा करता रहा। सभापति शर्मा ने कहा कि अध्यक्ष व्यवस्था दे चुके हैं। शासन चाहेगा तो कल वक्तव्य दे देगा। इनकी कोई बात रिकाॅर्ड न की जाए। विपक्ष हंगामा करता रहा, शर्मा ने 3 बजे तक सदन की कार्र‌वाई स्थगित कर दी। भोजन अवकाश के बाद विपक्ष के हंगामे की वजह से ध्यानाकर्षण पर चर्चा नहीं हो सकी। सभी नारेबाजी करते हुए आसंदी के पास पहुंच गए और खुद ही निलंबित हो गए। इसके बाद भाजपा विधायक सदन से बाहर निकल गांधी प्रतिमा के पास धरने पर बैठ गए।। उनके बाहर जाते ही सभापति शर्मा ने मंगलवार तक कार्रवाई स्थगित कर दी।

टेप कांड मामले में डॉ. पुनीत गुप्ता और मंतूराम पवार ने हाईकोर्ट में अलग-अलग याचिका लगाई हैं, जो एसआईटी गठन और केस दर्ज करने के खिलाफ है। सीएम भूपेश बघेल, डीजीपी व शिकायतकर्ता किरणमयी नायक को इसमें पक्षकार बनाया गया है। सोमवार को जस्टिस आरसीएस सामंत की बेंच में इस पर सुनवाई होनी थी। लेकिन जस्टिस सामंत निजी कारणों से सुनवाई से हट गए। अब 21 फरवरी को दूसरी बेंच में केस की सुनवाई होगी।

प्रश्नकाल खत्म होते ही भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कोरबा, सुकमा, कवर्धा समेत कई घटनाओं का जिक्र किया। धरमलाल कौशिक, बृजमोहन अग्रवाल, नारायण चंदेल, अजय चंद्राकर, धरमजीत सिंह समेत विपक्ष के कई विधायकों ने इस पर सहमति जताई। फिर जोगी कांग्रेस के धरमजीत ने भी टेपकांड मामला उठाते हुए कहा कि यह केस बिना सिर-पैर का है। अजीत जोगी और अमित जोगी को घसीटा जा रहा है। जो धाराएं लगाई गई हैं, उन्हें लगाने की समय सीमा ही सालभर होती है। लेकिन पुलिस ने 5 साल बाद ऐसा किया। यह कार्र‌वाई भी चुनाव आयोग को करनी चाहिए, पर सरकार सारे काम छोड़ इसमें लग गई है। पुलिस को डिक्टेट किया जा रहा है। यह देखा जा रहा कि किसे परेशान किया जा सकता है। दिल्ली में नंबर बढ़वाने के लिए दामाद पर एफआईआर कर रहे हैं। नारायण चंदेल ने कहा कि संघ-भाजपा नेता टारगेट किए जा रहे हैं।

  • सदन में भाजपा-जोगी कांग्रेस एकजुट, सरकार पर धमकाने का आरोप लगाया
  • सत्ता पक्ष बोला- पुलिस ढूंढे ऐसा काम क्यों किया