breaking news New

एनपीए के चलते इलाहाबाद बैंक को 1,823 करोड़ का घाटा

एनपीए के चलते इलाहाबाद बैंक को 1,823 करोड़ का घाटा

नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र के इलाहाबाद बैंक ने मंगलवार को कहा कि फंसे कर्ज पर अधिक प्रोविजनिंग के कारण चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) में उसे 1,822.71 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बैंक ने 70.20 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया था।

जून तिमाही के मुकाबले हालांकि बैंक के घाटे में कमी आई है। अप्रैल-जून तिमाही में बैंक को 1,944.37 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। इलाहाबाद बैंक ने बीएसई में दी गई सूचना में कहा कि आलोच्य अवधि में उसकी कुल आय घटकर 4,410.72 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 5,067.78 करोड़ रुपये थी।

बैंक का ग्रॉस एनपीए 30 सितंबर 2018 तक बढ़कर कुल लोन के 17.53 फीसद तक पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 14.10 फीसद पर था। इस दौरान फंसे कर्ज पर प्रोविजनिंग बढ़कर 1,991.88 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 1,469.52 करोड़ रुपये था।

युनाइटेड बैंक का घाटा बढ़कर 883 करोड़ रुपये

सार्वजनिक क्षेत्र के युनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया ने मंगलवार को कहा कि प्रोविजनिंग बढ़ने से चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में उसका घाटा बढ़कर 883.17 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बैंक को 344.83 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

वहीं चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही (प्रथम तिमाही) में बैंक ने 388.68 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया था। बैंक ने कहा कि आलोच्य तिमाही में मुख्यतः प्रोविजनिंग बढ़ने से घाटा हुआ है।

बैंक की कुल प्रोविजनिंग आलोच्य अवधि में लगभग दोगुना बढ़कर 1,481.24 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो एक साल पहले 753.09 करोड़ रुपये थी। बैंक का ग्रॉस एनपीए सितंबर 2018 तक बढ़कर 22.69 फीसद पर पहुंच गया, जो एक साल पहले 18.80 फीसद था।