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Citizenship Amendment act: असम में हालात काबू में, बंगाल में तीसरे दिन भी हिंसा की छिटपुट घटनाएं

Citizenship Amendment act: असम में हालात काबू में, बंगाल में तीसरे दिन भी हिंसा की छिटपुट घटनाएं

नई दिल्ली। नागरिकता कानून में संशोधन के खिलाफ पूर्वोत्तर राज्यों खासकर असम में आंदोलन की उग्रता धीमी पड़ गई है। लेकिन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आंदोलन हिंसक हो गया है। रविवार को प्रदर्शनकारियों ने दक्षिणी दिल्ली के न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में जमकर तांडव मचाया। तीन बसों और कुछ मोटरसाइकिलों को आग के हवाले कर दिया। आग बुझाने पहुंचे दमकल वाहनों पर भी हमला किया गया, जिसमें दो कर्मी घायल हो गए। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

बताया गया है कि बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने जामियानगर से ओखला की तरफ मार्च निकाला। इसमें जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के छात्र भी शामिल थे। इस दौरान पुलिस के साथ उनकी झड़प हो गई, जिसके बाद प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और आगजनी करने लगे। हालांकि जामिया ने हिंसा में अपने छात्रों के शामिल होने से इनकार किया है। प्रभावित इलाकों में मेट्रो सेवा भी रोकी गई। इस बीच, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रदर्शन शांतिपूर्ण हो।

असम में हालत सुधरी

हालात में सुधार को देखते हुए गुवाहाटी और डिब्रूगढ़ में रविवार को भी कर्फ्यू में कई घंटों की ढील दी गई। हालांकि अगप तथा छात्र संगठन आसू और एजेवाईसीपी का आंदोलन जारी है। गुवाहाटी से छह उड़ाने रद्द की गईं। असम गण परिषद की गुवाहाटी ईकाई के कार्यकर्ताओं ने अपनी ही पार्टी मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर पार्टी अध्यक्ष अतुल बोरा समेत तीन मंत्रियों से इस्तीफे की मांग की। लोकसभा में अगप के सदस्यों ने नागरिकता बिल के पक्ष में वोट दिया था।

बंगाल में हिंसा जारी

लेकिन बंगाल में लगातार तीसरे दिन भी हिंसा की छिटपुट घटनाएं हुईं। फेक न्यूज तथा अफवाहों पर लगाम के लिए पांच जिलों- माल्दा, मुर्शिदाबाद, हावड़ा, नॉर्थ 24 परगना तथा साउथ 24 परगना जिले के कुछ हिस्सों में इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं। नॉर्थ 24 परगना तथा नादिया जिलों में प्रदर्शनकारियों ने रास्ते जाम किए। दुकानों में तोड़फोड़ भी की। राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए आश्वस्त किया है कि नया नागरिकता कानून राज्य में लागू नहीं किया जाएगा। इस बीच, हावड़ा-सियालदह तथा खड़गपुर मार्ग पर ट्रेन सेवा दो दिन बाद सुचारू हो गई है।

आगे की राजनीतिक रणनीति

-आसू ने दिए राजनीतिक पार्टी बनाने के संकेत

नागरिकता कानून के विरोध में अगुआ रहे ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन (आसू) ने 'शिल्पी समाज" (कलाकार बिरादरी) के साथ भाजपा, अगप और कांग्रेस के विकल्प के तौर पर राजनीतिक पार्टी बनाने के संकेत दिए हैं।

विरोध सभा में 'कन्सर्ट फॉर पीस एंड हार्मोनी" को संबोधित करते हुए लोकप्रिय गायक जुबीन गर्ग ने कहा- 'हम अपनी पार्टी लॉन्च करेंगे।" इसका समर्थन करते हुए आसू के अध्यक्ष दीपांका नाथ ने कहा- 'हम अब उस दिशा में सोच रहे हैं। हम शिल्पी समाज तथा असम के लोगों से बात कर विकल्प के बारे में सोच रहे हैं।" हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया किया आसू गैर-राजनीतिक ही रहेगा।