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Water Harvesting: भू-जल संग्रहण के जरिए पानी की किल्लत को दूर करने के लिए प्रशासन ने किया यह काम

Water Harvesting: भू-जल संग्रहण के जरिए पानी की किल्लत को दूर करने के लिए प्रशासन ने किया यह काम

अंबिकापुर। सूरजपुर जिले में गिरते भूजल स्तर से निपटने के लिए 3121 भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम तैयार किया गया है। इस तकनीक को अपनाकर बारिश के पानी को व्यर्थ बहने की जगह सीधे जमीन के भीतर भेजा जाएगा। जिससे भूजल स्तर अच्छा बना रहेगा। जिला पंचायत के सीईओ अश्वनी देवांगन के मार्गदर्शन में ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पर काम कराया जा रहा है। सूरजपुर जिले में बारिश के पानी को रोकने के लिए भूमिगत टैंक प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में वर्षा जल को एक भूमिगत गड्ढे में भेज दिया जाता है जिससे जमीन का वाटर लेवल बढ़ जाता है।

यह तरीका बहुत ही मददगार साबित हुआ है, क्योंकि मिट्टी के अंदर का पानी आसानी से नहीं सूखता और लंबे समय तक पंप के माध्यम से सभी इसका उपयोग कर पाएंगे। जन सहभागिता से जिले में 3121 रेन वाटर हार्वेस्टिंग टैंक का निर्माण किया जा चुका है।

ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो भैयाथान ब्लॉक में 541 भवनों में जनपद पंचायत ओड़गी के 618 भवनों में, प्रतापपुर जनपद पंचायत अंतर्गत 383 भवनों में, प्रेम नगर जनपद पंचायत के 306 भवनों में, जनपद पंचायत रामानुजनगर के 556 भवनों में और जनपद पंचायत सूरजपुर के 593 भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण किया गया।

वहीं नगर पालिका परिषद सूरजपुर व नगर पंचायतों के शासकीय व निजी भवनों में 174 रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण किया गया है। इस प्रणाली से गर्मी के दिनों में पानी की समस्या दूर होगी।