breaking news New

Chhattisgarh : कांकेर की शान है 'गढ़िया' पहाड़, यहां 'सोनई-रुपई' तालाब के पानी में ये है खासियत

Chhattisgarh : कांकेर की शान है 'गढ़िया' पहाड़, यहां 'सोनई-रुपई' तालाब के पानी में ये है खासियत

किंवदती है कि गढ़िया पहाड़ पर करीब 700 साल पहले धर्मदेव कंड्रा नाम के एक राजा का किला हुआ करता था। राजा ने ही यहां पर तालाब का निर्माण कराया था। धर्मदेव की सोनई और रुपई नाम की दो बेटियां थीं। वो दोनों इसी तालाब के आसपास खेला करती थीं। एक दिन दोनों तालाब में डूब गईं। तब से यह माना जाता है सोनई-रुपई की आत्माएं इस तालाब की रक्षा करती हैं, इसलिए इसका पानी कभी नहीं सूखता। पानी का सोने-चांदी की तरह चमकना सोनई-रुपई के यहां मौजूद होने के रूप में देखा जाता है।

टूरी हटरी

गढ़िया किले की बस्ती का हृदय स्थल टूरी हटरी है। यह दैनिक बाजार के साथ जन सम्मेलन, मेला, सभा आदि के उपयोग आता था। उस जमाने के मिट्टी के बर्तन व ईंट-खपरों के टुकड़े आज भी यहां मिलते हैं। पहाड़ी के ऊपर एक बड़ा सा मैदान स्थित है। उस मैदान में किले में निवास करने वाले राजा और उनके सैनिकों की आवश्यकता की वस्तुएं बिक्री के लिए आती थीं। इस बाजार में विक्रय करने के लिए लड़कियां सामग्री लाया करती थीं। इसी कारण इसका नाम टूरी हटरी (बाजार) पड़ा।