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लाल बहादुर शास्त्री की मौत के बाद क्यों नहीं हुआ पोस्टमार्टम? जानिए सच -Hind Trends

लाल बहादुर शास्त्री की मौत के बाद क्यों नहीं हुआ पोस्टमार्टम? जानिए सच -Hind Trends

आज से 53 साल पहले हुई पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की मौत का रहस्य आज भी कायम है. उनके बेटे सुनील शास्त्री का कहना है कि पूर्व पीएम शास्त्री की मौत दिल का दौरा पड़ने से नहीं हुई थी, बल्कि ये एक रहस्यमयी मौत थी. यदि पोस्टमार्टम कराया जाता तो सच्चाई सामने आ जाती.


इस छोटे कद के बड़े आदमी को मरणोपरान्त भारत रत्न से सम्मानित किया गया. देश में कई लोगों ने शास्त्री जी की मौत पर सवाल उठाया था. उनकी मौत संदेहजनक स्थितियों में हुई. भारत-पाकिस्तान के बीच 11 जनवरी 1966 को हुए ताशकंद समझौते के बाद वह हमेशा के लिए दुनिया छोड़ गए.

पूर्व सांसद सुनील शास्त्री ने कहा कि भारत-पाक युद्ध (1965) की समाप्ति के बाद जब पिता जी ताशकंद समझौते पर हस्ताक्षर करने गए तो पूरी तरह स्वस्थ थे. फिर 11 जनवरी 1966 की रात अचानक उनकी मृत्यु कैसे हो गई?

मौत के बाद शव का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया जाना, साजिश की ओर ही इशारा करता है. उनका पार्थिव शरीर जब देश लाया गया तो काफी लोगों ने देखा था कि चेहरा, सीना और पीठ से लेकर कई अंगों पर नीले और उजले निशान थे. इसलिए पोस्टमार्टम क्यों नहीं हुआ, ये सवाल तो हमेशा बना रहेगा


शास्त्री जी की मौत के वक्त उनके होटल में ही मौजूद पत्रकार कुलदीप नैयर ने अपनी आत्मकथा बियॉन्ड द लाइंस और इंटरव्यू में उनकी मौत और उनसे जुड़े कुछ किस्सों के बारे में बताया था।

  • कुलदीप बताते हैं उस समय भारत-पाकिस्तान समझौते की खुशी में होटल में पार्टी थी। वे बताते हैं कि उनकी नींद दरवाजे की दस्तक से खुली। सामने एक रूसी औरत खड़ी थी, जो उनसे बोली, "यॉर प्राइम मिनिस्टर इज दाइंग।"
  •  नैयर तेजी से कोट पहनकर नीचे आए। वहां पर रूसी प्रधानमंत्री कोसिगिन खड़े थे। एक पलंग पर शास्त्री जी का छोटा सा शरीर सिमटा हुआ था। नैयर बताते हैं वहां जनरल अयूब भी पहुंचे।