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छठ पूजा का पर्व बुधवार की सुबह भगवान सूर्य को अ‌र्घ्य देकर पूरा किया गया

छठ पूजा का पर्व बुधवार की सुबह भगवान सूर्य को अ‌र्घ्य देकर पूरा किया गया

छठ पूजा का पर्व बुधवार की सुबह भगवान सूर्य को अ‌र्घ्य देकर पूरा किया गया। व्रत धारियों ने पारण कर व्रत तोड़ा। इस दौरान पूजा स्थल वाले नदी के घाटों, तालाबों की रौनक देखते ही बनती थी। डलिया में विभिन्न तरह के फूल-फूल व पकवान रखकर लोगों ने भगवान सूर्य की पूजा की। महिलाओं ने ¨सदूर से अपनी मांग भरी। एक-दूसरे को जल देकर आचमन कराया। नगर के नागेश्वरनाथ सरोवर पर करीब 200 महिलाओं व उनके परिवारीजन ने मिलकर पूजा की। इस दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ सेल्फी भी ली। ढकौली में जमीन में गड्ढा खोदकर महिलाओं ने पूजा की। मसौली क्षेत्र में कल्यानी नदी के घाट पर नई बस्ती, धरौली, बसंत नगर आदि गांवों की महिलाओं ने छठ पूजा की। मंगल गीत गाए। उनके परिवार के बच्चे और बुजुर्ग भी इस उत्सव में शामिल रहे। घाघरा नदी के घाटों पर भी छठ पूजन का उत्सव देखते ही बना। चिलहटा घाट में सपा नेता रामनाथ मौर्य ने परंपरागत तरीके से छठ पूजा अन्य लोगों के साथ की। जिले में चिलहटा घाट पर ही करीब 20 वर्ष पहले छठ पूजा की शुरूआत हुई थी। ऐसे में पहली बार व्रत रखने वाले लोग मनौती मानकर चिलहटा घाट पर ही पूजन के लिए जाते हैं।लगा मेला, की खरीदारीनागेश्वरनाथ, चिलहटाघाट और घाघरा नदी के तट पर करीब तीन घंटे तक मेले जैसे हालात रहे। महिलाओं और बच्चों ने इसका लुत्फ भी उठाया। इस दौरान बच्चों ने जहां खाने-पीने के सामान खरीदे वहीं महिलाओं ने घरेलू सामान की खरीदारी की।