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छत्तीसगढ़ के आधे से अधिक लोग नागरिकता प्रमाणित नहीं कर पाएंगे : भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ के आधे से अधिक लोग नागरिकता प्रमाणित नहीं कर पाएंगे : भूपेश बघेल

एनआरसी को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक बार फिर से मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह जनता पर अनावश्यक बोझ डालने वाला कानून है। छत्तीसगढ़ के आधे से अधिक लोग नागरिकता प्रमाणित नहीं कर पाएंगे। इसके कई कारण हैं। मुख्यमंत्री रविवार दोपहर को दिल्ली से लौटे। स्वास्थ्यगत कारणों से उन्होंने अपने रायपुर और बिलासपुर दौरा रद कर दिया।

मुख्यमंत्री निवास में बघेल ने मीडिया से चर्चा में कहा कि एनआरसी ऐसा कानून है, जिसमें कई पीढ़ियों से देश में रह रहे लोगों को भारतीय होने का प्रमाण देना होगा। छत्तीसगढ़ में 2.80 करोड़ लोग रहते हैं। आधे से ज्यादा लोगों के पास भारतीय नागरिक होने का प्रमाण देने के लिए जमीन के दस्तावेज नहीं है।

पूर्वजों ने पढ़ाई-लिखाई नहीं की है। प्रदेश के लोग रोजी-रोटी के लिए एक गांव से दूसरे गांव या शहर और प्रदेश के बाहर भी आते-जाते रहते हैं। मुख्यमंत्री ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए यह भी कहा कि देश में घुसपैठिये हैं, तो केंद्र सरकार उन्हें पकड़े, उन पर कार्रवाई करे। इसके लिए कई सारी एजेंसियां हैं। जनता को क्यों परेशान किया जा रहा है, यह सवाल उठता है।

गांधी ने अंग्रेजों के एआरसी का किया था विरोध

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि 1906 में अंग्रेजों ने एआरसी कानून लाया था, जिसका महात्मा गांधी ने विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि न वे दस्तखत करेंगे और न ही फिंगर प्रिंट देंगे। गांधी की 150वीं जयंती कांग्रेस मना रही है। इस कारण बघेल ने कहा कि वे एक बार फिर दोहरा रहे हैं कि एनआरसी पर दस्तखत नहीं करने वाले प्रदेश के पहले व्यक्ति होंगे, चाहे केंद्र सरकार कुछ भी कर ले।