breaking news New

Chhattisgarh in 2019: बीते साल में इन बड़ी घटनाओं ने राज्य में बटोरीं चर्चाएं, ऐसा है सालभर का लेखा-जोखा

Chhattisgarh in 2019: बीते साल में इन बड़ी घटनाओं ने राज्य में बटोरीं चर्चाएं, ऐसा है सालभर का लेखा-जोखा

रायपुर। साल 2019 को अलविदा कहने और साल 2020 का जश्न मनाने का वक्त आ गया है। इसके साथ ही बीते साल की कुछ ऐसी घटनाएं भी हैं जो राज्य के इतिहास में दर्ज हो रही हैं। पिछले साल की शुरूआत के साथ ही कई सकारात्मक घटनाएं हुईं तो कुछ नकारात्मक भी। एक सिक्के के दो पहलुओं की तरह हमने अलग-अलग घटनाओं को घटित होते देखा। इनमें से कुछ घटनाएं और उनकी यादें हमारे जेहन में रहेंगी। कुछ वाकये हमें हमेशा उत्साहित करते रहेंगे, तो कुछ दर्द भरे पुराने लम्हों की यादों को भी कुरेदेंगे। कुछ बातें ऐसी भी हैं जो हमें भविष्य के लिए सीख देकर गई हैं। आइए एक नजर डालते हैं राज्य के बीते साल के खास घटनाक्रमों पर-

राज्य में नए साल की शुरूआत नई सरकार के साथ हुई। दिसंबर में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के साथ राज्य में सत्ता परिवर्तन हुआ और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में 15 साल बाद कांग्रेस पार्टी राज्य की सत्ता में आई। उधर भाजपा ने धरम लाल कौशिक को पार्टी संगठन अध्यक्ष के रूप में कमान सौंपी।

फरवरी महीने में नई सरकार ने अपना पहला बजट पेश किया। 90910 करोड़ स्र्पये के भारी-भरकम बजट के साथ राज्य के लिए आने वाले एक साल में विकास की दिशा तय की गई। इसी के साथ राज्य में किसानों की कर्जमाफी की भी सरकार ने घोषणा की।

इसी महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ का दौरा भी किया। फरवरी माह के अंतिम हफ्ते में केंद्र सरकार ने एक रिपोर्ट जारी कर बताया कि छत्तीसगढ़ के लोग शराब सेवन के मामले में पूरे देश में अव्वल हैं। इस रिपोर्ट के जारी होने के बाद सूबे में एक बार फिर शराबबंदी की मांग को लेकर मुहिम तेज हो गई।

राज्य में मार्च के महीने में एक शादी चर्चा का विषय बनी। झारखंड के तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के बेटे ललित की बारात छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर आई। यहां के एक बेहद सामान्य परिवार की बेटी पूर्णिमा को दास परिवार ने अपने घर की बहु बनाया।

मार्च माह के पहले हफ्ते में केंद्र सरकार ने देश भर के सर्वाधिक स्वच्छ शहरों की सूची जारी की। इस सूची में अम्बिकापुर शहर को अपनी श्रेणी में स्वच्छता के मामले में देश में दूसरा स्थान मिला। इसी के साथ अम्बिकापुर शहर अपने गार्बेज मैनेजमेंट के अनूठे मॉडल के साथ पूरे देश में चर्चा में आया।