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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बोले- बढ़ रही गरीबी, नहीं हो रहा समावेशी विकास, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने सीएम को दी नसीहत- सिस्टम से मत लड़िये, आप भाषण देकर चीजों को नहीं सुधार सकते...

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बोले- बढ़ रही गरीबी, नहीं हो रहा समावेशी विकास, उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने सीएम को दी नसीहत- सिस्टम से मत लड़िये, आप भाषण देकर चीजों को नहीं सुधार सकते...

रायपुर. इंडियन इकॉनॉमी एसोसिएशन के 102 वें अधिवेशन में उपराष्ट्रपति वैंकया नायडू ने सीएम भूपेश बघेल को नसीहत देते हुए कहा कि आप भाषण दे कर चीजों को नहीं सुधार सकते. इसके लिए सही रास्ता चुनना होगा, तभी विकास होगा, राजनीतिक प्रतिबद्धता को किनारे रखकर काम करने से चीजें सुधरेगी. उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने आगे कहा कि भारत लगातार आगे बढ़ रहा है. आर्थिक रिफॉर्म के चलते ये संभव हुआ है. चुनौती जरूर है लेकिन अर्थव्यवस्था सही दिशा में आगे बढ़ रही है. हमको तीन क्षेत्र में काम करना होगा. कृषि , शिक्षा और व्यापार. अंतिम व्यक्ति का उत्थान ही हमारी प्राथमिकता होनी चाहिये. बिजनेसमैन भी सिस्टम का पार्ट है. जब हम सब के विकास की बात कहते हैं तो उनको नहीं छोड़ा जा सकता. गरीबों और कृषि के साथ बिजनेसमैन को भी मदद करने की जरूरत है. राज्य और केंद्र के बीच अगर बेहतर तालमेल होगा. तभी देश सबसे तेज इकोनॉमी बन सकेगी. सीएम बघेल कोउपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने जवाब देते हुए कहा कि आप सिस्टम से मत लड़िये, लूप होल को बंद कर विकास करें. नए आइडिया दें. आप सुझाव देकर सुधार कर सकते हैं. राजनैतिक सोच से पसंद और नापसंद ना बनाएं. वेंकैया नायडू ने भारत की अर्थव्यवस्था के आंकड़े गिनाकर नए प्रावधानों से देश को होने वाले फायदे गिनाए. वेंकैया नायडू ने राज्यों के अधिकार के उपयोग करने पर जोर दिया. राजनैतिक प्रतिबद्धता से ऊपर देश के विकास की सोच पर सीएम को नसीहत दी. टैक्स बढ़ाने के बजाय टैक्स पेयर बढ़ाने पर जोर देने की बात कही. वेंकैया नायडू ने टैक्स देने वालों को जागरूक करने को कहा. वेंकैया नायडू ने आगे कहा कि सिस्टम की जवाबदारी तय करने के लिए राजनीतिक विचारों से ऊपर आना होगा. हम मछली को क्यों नही पकड़ पा रहे हैं, इस पर विचार करना होगा. ना कि मछली हमारी पकड़ में नहीं आ रहे है इस चिंतित रहना होगा. महिलाओं के हाथ मे आर्थिक स्थिति को देना चाहिए, क्योंकि आदमियों के भरोसा नहीं. कर और कर्ज का अनुशासन अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी है अर्थव्यवस्था को लेकर वेंकैया नायडू और सीएम भूपेश बघेल दोनों का नजरिया मंच पर भी अलग-अलग नजर आया. उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के संबोधन के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने मंच से कहा कि सन 2000 में जब छग राज्य बना तो 6000 करोड़ का बजट था. आज एक लाख करोड़ का बज़ट है. मगर गरीबी रेखा में आने वालों की संख्या 40 % तक बढ़ गई है. ये समावेशी विकास नहीं है. प्रदेश और देश की पूंजी में सब का हक होना चाहिए. गरीब और अमीर के बीच अंतर बढ़ना चिंता का विषय है. सीएम भूपेश बघेल ने आगे कहा कि अर्थशास्त्रियों को खुलकर बोलना चाहिए. देश की अर्थव्यवस्था पर बोलना चाहिए. जीएसटी से उत्पादन करने वाले राज्यों को नुकसान होगा. जीएसटी के अंतर की राशि नहीं मिल पा रही है. टैक्स कलेक्शन नहीं हो रहा है.