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नागरिक कानून के विरोध में ममता की रैली, दिया नारा- No CAB, No NRC in Bengal

नागरिक कानून के विरोध में ममता की रैली, दिया नारा- No CAB, No NRC in Bengal

कोलकाता, जागरण संवाददाता। नागरिकता कानून और एनआरसी के विरोध में दूसरे दिन मंगलवार दोपहर सड़क पर उतरी बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा नित केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि वे सब काम बाहुबल से करना चाहते हैं।  नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के विरोध में  मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई में जादवपुर से  विधायकी क्षेत्र जदुबाबू बाजार तक मंगलवार को नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में रैली निकाली गई। इसमें तृणमूल कांग्रेस की सांसद मिमी चक्रवर्ती और नुसरत ने भी हिस्‍सा लिया।

कपड़ों से धर्म की पहचान नहीं: ममता

उन्‍होंने कहा, 'जामिया मिलिया इस्‍लामिया घटना 15 दिसंबर को हुआ। जामिया में बाथरूम के अंदर छात्रों को पीटा गया। यह गलत है। पश्चिम बंगाल में NRC के डर से 30 लोगों ने आत्‍महत्‍या कर ली। इसकी जिम्‍मेवारी कौन लेगा?'  रैली को संबोधित करते हुए मुख्‍यमंत्री ने कहा, 'हमारे कपड़ों से आप हमारी पहचान नहीं कर सकते। टोपी पहनने का ये मतलब नहीं कि आप मुस्लिम हैं। क्‍या आप मेरे कपड़ों से मेरी पहचान कर सकते हैं?

हमारा नारा है- No NRC No CAB in Bengal

रैली के दौरान, मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, 'हमारा नारा है- No NRC No CAB in Bengal।' बता दें कि इस कानून को लेकर दिया गया एक बयान ममता बनर्जी (Mamta Banerjee) पर भारी पड़ गया। दरअसल, कलकत्‍ता हाई कोर्ट (Calcutta High Court) में इसपर रिट पीटिशन (Writ Petition) दाखिल की गई है।

नागरिकता संशोधन विधेयक (सीएबी) राज्यसभा से दोपहर में पास हुआ और मध्य रात्रि इसे राष्ट्रपति से हस्ताक्षरित कर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) का रूप दे दिया गया। उन्होंने कहा कि हम इस कानून को नहीं मानते और लगातार इसका विरोध जारी रखेंगे। बंगाल में नागरिकता कानून और एनआरसी लागू नहीं करने के अपने वायदे को दोहराते हुए तृणमूल प्रमुख ने कहा की हम इस देश को जाति धर्म के नाम पर बांटना बर्दाश्त नहीं करेंगे।