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Budget 2019: बजट से पहले ही मोदी सरकार ने फिर से किए 2019 के लोकलुभावन फैसले

 Budget 2019: बजट से पहले ही मोदी सरकार ने फिर से किए 2019 के लोकलुभावन फैसले

तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में हार के बाद केंद्र में बीजेपी की नेतृत्व वाली एनडीए सरकार इस अंतरिम बजट में गरीब, किसानों, छोटे व्यपारियों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए बड़ा ऐलान कर सकती है। टाइम्स नाउ ओपिनियन पोल के मुताबिक बीजेपी लोकसभा चुनाव 2019 में सबसे अधिक वोटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनेगी। लेकिन बहुमत से कुछ सीटें कम रह जाएंगी। लोकसभा चुनाव के लिए इस तरह के ओपिनियन पोल के रिजल्ट को देखते हुए सरकार राजकोषीय घाटे के बावजूद बजट 2019 में लोकलुभावन कदम उठा सकती है। वैसे तो मोदी सरकार ने दिसंबर में कुछ घोषणाएं कर दी हैं। जिससे फिर से सत्ता में वापसी करने में मदद करेगी।


छोटे कारोबारी- वित्त मंत्रालय ने 10 जनवरी को  40 लाख तक की बिक्री पर जीएसटी में छूट देने की घोषणा की थी। यह रियायत पहले 20 लाख रुपए तक के टर्नओवर तक सीमित थी। यह छूट एक अप्रैल 2019 से लागू होगी। इससे और 2 मिलियन छोटे व्यपारियों टैक्स से छूट मिलेगी। पिछले सप्ताह में रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार छोटे व्यपारियों को फ्री दुर्घटना बीमा और सस्ता लोन देने का विचार कर रही है। खुदरा बिक्रेताओं को ध्यान में रखते हुए अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे ई-कॉमर्स साइट के जरिए खुदरा ऑनलाइन ब्रिक्री पर रोक लगा सकती है।


किसान- वित्त मंत्री अरुण जेटली ने ऐसा संकेत दिया था कि आगामी बजट में किसानों के लिए डायरेक्ट फंड ट्रांसफर और ब्याज फ्री लोन देने पर विचार कर सकती है। रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके लिए सरकार के ऊपर 12,000 करोड़ रुपये सालाना आर्थिक बोझ पड़ेगा। कृषि लोन प्रमुख विकल्प हो सकता है।


आरक्षण- मोदी सरकार द्वारा संविधान संशोधन करके गरीब सवर्णों को सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसाला किया गया। जिससे गरीबों को फायदा होगा। इस फैसले को कुछ राज्यों ने स्वीकार भी कर लिया है। 


आम आदमी -  31 दिसंबर 2016 को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित मध्यम आय ग्रुप (CLSS for MIG) के लिए क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी योजना इससे पहले मार्च 2019 तक दो बार बढ़ाया गया था एक बार फिर दिसंबर 2018 को मार्च 2020 तक के लिए बढ़ाया गया। यह सब्सिटी स्कीम पहली बार शहर में रहने वाले 6 लाख से 18 लाख तक सालाना आय वालों के लिए घर खरीदने को दिया गया। 


इसके अलावा दिसंबर में टीवी, मूवी टिकट समेत 20 वस्तुओं पर जीएसटी में कटौती की गई थी। जिससे आम लोगों को राहत मिली थी। रिपोर्ट के अनुसार सरकार डायरेक्ट टैक्स छूट के दायरे को बढ़ा सकती है। हालांकि, इस तरह के बड़े बदलाव अंतरिम बजट में बहुत कम होते हैं क्योंकि इसके लिए वित्त विधेयक को पारित करने की आवश्यकता होती है।