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राज्य के पूर्व मंत्री शहीद महेंद्र कर्मा के बेटे को अनुकंपा नियुक्ति के तहत बनाया डिप्टी कलेक्टर.....

राज्य के पूर्व मंत्री शहीद महेंद्र कर्मा के बेटे को अनुकंपा नियुक्ति के तहत बनाया डिप्टी कलेक्टर.....

छत्तीसगढ़ सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए शाहिद महेंद्र कर्मा के बेटे को डिप्टी कलेक्टर के पद पर अनुकंपा नियुक्ति दी है। इस मामले में प्रदेश के सबसे बड़े कर्मचारी संगठन, “छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक फेडरेशन” ने राज्य के पूर्व मंत्री शहीद महेंद्र कर्मा के बेटे आशीष कर्मा की डिप्टी कलेक्टर के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति का स्वागत किया है। साथ ही प्रदेशभर के 3500 दिवंगत शिक्षाकर्मी साथियों के परिजनों को योग्यतानुसार तत्काल निःशर्त अनुकम्पा नियुक्ति देने की मांग की है।


फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक जाकेश साहू ने प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि विगत 2010 से प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं ब्लाकों के स्कूलों में कार्यरत 3500 दिवंगत शिक्षाकर्मी साथियों के परिजनों को आज तक अनुकम्पा नियुक्ति नहीं मिल पाई है जिसके कारण सम्बंधित दिवंगत शिक्षाकर्मी साथियों के परिजन रोजी रोटी की तलाश में यंहा वँहा दर-दर की ठोकरें खा रहे है।


फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक शिव सारथी, रंजीत बनर्जी, मनीष मिश्रा, छोटेलाल साहू, संकीर्तन नंद, अजय गुप्ता, हुलेश चन्द्राकर, बसंत कौशिक, सीडी भट्ट, अश्वनी कुर्रे एवं सुखनंदन यादव ने कहा है कि प्रदेश के दिवंगत सभी 3500 शिक्षाकर्मी साथियों के परिजनों को सरकार तत्काल अनुकम्पा नियुक्ति का आदेश जारी करें।


प्रदेश संयोजक जाकेश साहू ने बताया कि 2011 से 2013 तक शिक्षाकर्मियों के परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति दी जा रही थी लेकिन बीच मे तत्कालीन रमन सिंह सरकार ने ऐसे-ऐसे जटिल व कठिन नियम कानून बनाए कि अनुकम्पा नियुक्ति का सारा प्रकरण बेवजह उलझ कर रह गया और 3500 दिवंगत शिक्षाकर्मियों के परिजन अनुकम्पा नियुक्ति के लिए आज तक यंहा-वँहा दर-दर की ठोकरे खा रहे है।


फेडरेशन ने राज्य सरकार से मांग की है कि राज्य की नवनियुक्ति भूपेश बघेल सरकार ने जिस प्रकार प्रदेश के पूर्व मंत्री महेंद्र कर्मा के परिजनों के प्रति संवेदना दिखाई है, वैसे ही प्रदेश के 3500 दिवंगत शिक्षाकर्मी साथियों के परिवारों के प्रति भी मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए तत्काल इन्हें अनुकम्पा नियुक्ति का आदेश जारी करें।


चूंकि दिवंगत शिक्षाकर्मियों के परिजनों को आज किसी भी प्रकार का कोई जीवन निर्वाह भत्ता नहीं मिलता जिससे उनके सम्मुख जीवन-मरण की समस्या उत्पन्न हो गई है आज इन परिवारों को गुजारा करने के लिए यंहा वँहा रोटी रोटी की तलाश में भटकना पड़ रहा है। अतः फेडरेशन ने राज्य की भूपेश बघेल सरकार से मांग की है कि 3500 पीड़ित परिजनों को तत्काल अनुकम्पा नियुक्ति दी जाएं।