breaking news New

छत्तीसगढ़ के गाँव मे बनेंगे गोबर गैस उत्पादन केंद्र : भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ के गाँव मे बनेंगे गोबर गैस उत्पादन केंद्र : भूपेश बघेल

छत्तीसगढ़ के गांवों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मॉडल बनाने में सरकार ने पूरी ताकत झोंक दी है।  कृषि, वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग तथा जल संसाधन विभाग के अफसर इन दिनों दिनरात काम कर रहे हैं। नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना सरकार की सर्वप्रथम प्राथमिकता है। इन जिलों में कलेक्टरों को रूटीन के काम के अलावा इस योजना पर भी जी जान से जुटना पड़ा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी की नजर इस योजना के क्रियान्वयन पर है। ऐसे में समय पर टारगेट पूरा करने में अफसरों का पसीना छूट रहा है। सरकार की योजना तो यह है कि प्रदेश के गांवों को गोबर गैस उत्पादन का केंद्र बनाया जाए। इससे गांवों में ईंधन के रूप में गैस की सप्लाई तो होगी ही, यह बड़े व्यवसाय के रूप में भी विकसित हो सकता है। दरअसल गोबर गैस के उत्पादन पर इंडियन ऑयल कार्पोरेशन IOC से अनुबंध का प्रावधान है। इसके व्यावसायिक उत्पादन की बड़ी संभावनाएं हैं। कृषि विभाग के अधिकारी सभी संभावनाओं को देखते हुए काम कर रहे हैं। हालांकि सरकार की प्राथमिकता की यह योजना फिलहाल प्राथमिक चरण में ही है और जमीन पर असर कब दिखेगा यह कहना अभी मुहाल है।  अगले एक महीने में हर पंचायत स्तर तक गोठान के लिए भूमि तय करनी है। इन पशुओं से गोबर और मूत्र मिलेगा जिससे कम्पोस्ट का उत्पादन किया जाएगा। यहीं गोबर गैस के प्लांट भी लगाए जाएंगे। कई गांवों को मिलाकर गोबर गैस के व्यावसायिक उत्पादन की दिशा में बढ़ा जाएगा। यह काम पूरा हो पाया तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन दिखने लगेगा। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने निर्देश दिया है कि जिन गांवों में जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन की परियोजनाएं हैं उन्हें चिन्हित किया जाए। नदी-नालों में सुधार कर जल स्तर ठीक किया जाए। इसके बाद बारी आएगी गरूवा की। प्रदेश में शहरी और ग्रामीण दोनों ही इलाकों में आवारा पशुओं का संकट है।


नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी योजना पर विभिन्न् विभागों के समन्वय से काम चल रहा है। जिलों में कलेक्टरों को जिम्मेदारी दी गई है। भूमि का चयन किया जा रहा है। चरणबद्ध ढंग से काम किया जाएगा। कुछ काम मनरेगा के मद से कराए जा सकते हैं। जिन पंचायतों को सरकार ने ओडीएफ घोषित किया है उन्हें केंद्र सरकार से 20 लाख रुपये मिलते हैं। इस राशि का उपयोग भी इस योजना के लिए किया जा सकता है। यह बिना बजट की योजना है जिसे तय समय पर पूरा करना है।