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छत्तीसगढ़ और झारखंड को इस बार भी कम मिला पुलिस आधुनिकीकरण का फंड

छत्तीसगढ़ और झारखंड को इस बार भी कम मिला पुलिस आधुनिकीकरण का फंड

देशभर में होने वाली नक्सल वारदातों में से 80 फीसद छत्तीसगढ़ और झारखंड में होती हैं। केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के 12 और झारखंड के 18 जिलों को नक्सल प्रभावित मानती है। इसके बावजूद इन दोनों राज्यों को पुलिस आधुनिकीकरण के लिए बजट दूसरे नक्सल प्रभावित राज्यों की तुलना में कम दी जा रही है। चालू वित्तीय वर्ष में दोनों राज्यों को नौ से 10 करोड़ रुपये मिले हैं। बीते तीन-चार वर्षों से यह स्थिति लगातार बनी हुई है।

इस वर्ष सबसे ज्यादा यूपी को 63 करोड़

नक्सल प्रभावित राज्यों की सूची में10 राज्य शामिल हैं। हालांकि उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में पिछले चार वर्षों में एक भी नक्सली घटना नहीं हुई है। गृह मंत्रालय की एक रिपोर्ट के हवाले से पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रभावित राज्यों में इस वर्ष सर्वाधिक 63.19 करोड़ रुपये उत्तर प्रदेश को मिला है। महाराष्ट्र को 47.11 करोड़, पश्चिम बंगाल को 28.9, बिहार को 27.62, मध्यप्रदेश को 27.11, आंध्रप्रदेश को 24.46, तेलंगाना को 17.48 और ओडिशा को 15.6 करोड़ रुपये मिला है। छत्तीसगढ़ को 9.72 और झारखंड को सबसे कम 9.21 करोड़ रुपये मिला है।

60 फीसद केंद्र और 40 फीसद राज्य का हिस्सा

राज्य पुलिस के लिए आधुनिक हथियार की खरीद, सूचना प्रौद्योगिकी, संचार उपकरण, प्रशिक्षण के साथ फारेंसिक विज्ञान समेत अन्य काम किया जाता है। योजना में 60 फीसद राशि केंद्र सरकार देती है। बाकी 40 फीसद राज्य सरकार खर्च करती है।

पांच राज्य खर्च नहीं कर पाए पूरी राशि

आवंटित राशि के उपयोग के संबंध में राज्यों को केंद्र सरकार को रिपोर्ट (उपयोगिता प्रमाण पत्र) देनी पड़ती है। मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और आंध्रप्रदेश ने 2016-17 में जारी आवंटन का उपयोगिता प्रमाण पत्र दे दिया है। छत्तीसगढ़ ने 3.37 और झारखंड ने 4.71 करोड़ का प्रमाण पत्र नहीं दिया है।