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रियल एस्टेट क्षेत्र में सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार 25 हजार करोड़ रुपये का विशेष कोष बनाएगी

रियल एस्टेट क्षेत्र में सुधार लाने के लिए केंद्र सरकार 25 हजार करोड़ रुपये का विशेष कोष बनाएगी

केंद्र सरकार ने रियल एस्टेट क्षेत्र को एक बड़ी राहत देने की घोषणा की है। इसके तहत शुरू में 25 हजार करोड़ रुपये का विशेष कोष बनाया जाएगा।

सरकार के निर्णय के अनुसार, सरकार देश भर में रुकी हुई आवासीय परियोजना के लिए 10 हजार करोड़ का फंड देगी। कैबिनेट ने मध्यम वर्ग के लोगों को आवास मुहैया कराने वाली आवास परियोजनाओं को पूरा करने के लिए प्राथमिकता से ऋण देने के लिए एक 'विशेष विंडो' की स्थापना को मंजूरी दी है। यह फंड डेवलपर्स को अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने और खरीदारों को घर सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को कैबिनेट के फैसले से अवगत कराया कि इस कदम से बड़ी संख्या में मध्यम आय वाले घर खरीदारों को राहत मिलेगी, जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई इन परियोजनाओं में लगाई है। इससे वह अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए इन परियोजनाओं में भारी मात्रा में फंसे धन का उपयोग कर सकेगा। सात ही नौकरियों का निर्माण होगा, सीमेंट, लोहा और इस्पात उद्योगों को समर्थन मिलेगा और अर्थव्यवस्था के अन्य प्रमुख क्षेत्रों में उत्पन्न तनाव कम हो जाएगा।

निर्मला सीतारमण ने कहा कि वर्तमान में रियल एस्टेट सेक्टर की 1600 से अधिक परियोजनाएं धन की कमी के कारण अटकी हुई हैं। रुकी हुई परियोजनाओं के कारण अभी तक 4.58 आवास इकाइयाँ पूरी नहीं हो सकी हैं। उन्होंने कहा कि इस योजना को लाने से पहले वह बिल्डर और होमबॉयर्स के साथ मिले थे। ये बैठकें पिछले दो महीनों से चल रही हैं। इसके अलावा, बैंक और भारतीय रिजर्व बैंक के साथ भी बातचीत हुई है। योजना एक वैकल्पिक निधि प्रदान करने का एक साधन होगी। इसके लिए एक विशेष विंडो खोली जाएगी, जहां अधूरे प्रोजेक्ट से जुड़े बिल्डर फंड के लिए अनुरोध कर सकेंगे। शुरुआत में, सरकार 10 हजार करोड़ का फंड जुटाएगी। इसके बाद, LIC और भारतीय स्टेट बैंक भी धन प्रदान करेंगे। इससे शुरू में 25 हजार करोड़ रुपये का फंड बनेगा। इसके अलावा अन्य जगहों से भी फंड जुटाया जाएगा।

यह निधि दो करोड़ तक के आवास वाले परियोजनाओं को प्रदान की जाएगी। मुंबई में सीमा 20 मिलियन होगी। दिल्ली-एनसीआर और अन्य प्रमुख शहरों में इसकी सीमा 1.5 करोड़ होगी। वहीं, अन्य क्षेत्रों में एक करोड़ तक के फ्लैट देने वाली परियोजनाओं को वित्त पोषित किया जाएगा। यह फंड केवल RERA पर रजिस्टर प्रोजेक्ट के लिए निवल मूल्य के आधार पर दिया जाएगा। चरणबद्ध तरीके से परियोजना के पूरा होने तक किस्तों में धनराशि दी जाएगी। इस योजना का लाभ लेने वाली एनपीए परियोजनाएं भी ली जा सकेंगी।