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अब घर बैठे होगी जमीनों की रजिस्ट्री

अब घर बैठे होगी जमीनों की रजिस्ट्री

रायपुर।  अब पंजीयन प्रक्रिया और भी अधिक आसान होगी। घर बैठे पंजीयन की प्रक्रिया की जा सकेगी और पंजीयन प्रक्रिया पासपोर्ट की भांति निर्धारित समयावधि में पूरी होगी। यह जानकारी आज यहां महानिरीक्षक पंजीयन कार्यालय, जीएसटी भवन, अटलनगर में आयोजित पंजीयन विभाग की समीक्षा बैठक में दी गई।

जिलों में आम जनता के उपयोग के लिए या उनकी मांग अनुसार स्टॉम्प की कहीं भी कमी नहीं होने दी जाए। राज्य में ई-स्टाम्प की सुविधा भी 300 केन्द्रों पर उपलब्ध है, जहां ई-स्टाम्प भी जारी किया जा रहा है। स्टाम्पों की समुचित व्यवस्था और अच्छे से की जाए, जिन स्टॉम्प वेंडरों के विरूद्ध स्टॉम्प में अंकित मूल्य से ज्यादा में स्टॉम्प बिक्री की शिकायत मिलती है, उन स्टॉम्प वेंडरों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।

बैठक में अधिकारियों को प्रदेश के जिला पंजीयक कार्यालयों में सूचनात्मक जानकारी उपलब्ध कराने, शासन द्वारा वर्ष 2018-19 के लिए निर्धारित राजस्व लक्ष्य को भी प्राप्त करने के निर्देश दिए गए। जिन विभागों में पंजीयन योग्य दस्तावेज निष्पादित किए जाते हैं, जिनका पंजीयन अभी तक नहीं कराया गया है।

उन विभागों को, जिसमें हाउसिंग बोर्ड, विकास प्राधिकरण, नगर निगम, उद्योग, खनिज आदि विभाग सम्मिलित हैं, को शासन स्तर से पत्र लिखा जाए और सभी जिला कलेक्टरों को अवगत कराकर इन विभागों में पंजीयन योग्य लंबित दस्तावेजों का शीघ्र पंजीयन करवाया जाए। जिन जिलों में भुईंया कार्यक्रम में राजस्व अभिलेख अभी तक अपडेट नहीं हुए हैं, उन जिलों के कलेक्टरों को पत्र लिखकर राजस्व अभिलेख को भुईंया कार्यक्रम में अपडेट कराने निर्देशित किया गया। समीक्षा बैठक में महानिरीक्षक पंजीयन धर्मेश कुमार साहू, उप महानिरीक्षक पंजीयन मदन कोर्पे एवं एफ.एल. कृपाल सहित सभी जिलों के जिला पंजीयक उपस्थित थे।

सिंह ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि सभी रजिस्ट्रियां विधिक रूप से सही-सही हो, पंजीयन प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया जाए, यह भी सुनिश्चित करें कि पंजीयन कार्य कम से कम समय में पूर्ण हो सके। इसके तहत प्री-रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था भी एक सप्ताह के अंदर की जाए। इस व्यवस्था के तहत इच्छुक व्यक्ति घर बैठे पंजीयन की सारी प्रक्रिया करने के बाद केवल सत्यापन के लिए पंजीयन कार्यालय में आना होगा। इससे पंजीयन प्रक्रिया सरल और सुविधाजनक हो जाएगी।

वाणिज्यिक कर (पंजीयन) विभाग के सचिव सुबोध कुमार सिंह ने विभाग की गतिविधियों की समीक्षा की। पांच डिसमिल से कम रकबा की रजिस्ट्री के संबंध में जिला पंजीयकों ने बैठक में बताया कि सभी जिलों में पांच डिसमिल से कम भूमि की रजिस्ट्री हो रही है। जनवरी माह में पांच डिसमिल से कम रकबा के अब तक दो हजार 470 दस्तावेजों का पंजीयन हो चुका है।