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भाजपा के शासन काल मे श्रमिकों का शोषण हो रहा था इसीलिए छत्तीसगढ़ कि जनता ने सरकार बदल दिये : भीमराव बागड़े

भाजपा के शासन काल मे श्रमिकों का शोषण हो रहा था इसीलिए छत्तीसगढ़ कि जनता ने सरकार बदल दिये : भीमराव बागड़े

रायपुर| नयी सरकार को बने अभी कुछ महीने भी ठीक से नहीं हुये है और अभी से इनपर आरोपों कि वर्षा होने लगी, मामला आरंग क्षेत्र का है जहां के मजदूरों ने राईस मिलों के मालिकों पर आरोप लगाते हुये कहा है कि राईस मिल के मालिक काँग्रेस नेता का इस्तेमाल कर पुराने मजदूरों का काम छिन रहे हैं | दरअसल  स्टेट वेयर हाउस आरंग के गोदामों मे कार्यरत मजदूरों को पिछले वर्ष 540 बोरी की मजदूरी 4400 रुपए की दर से राईस मिलर्स द्वारा भुगतान किया गया था लेकिन राईस मिल के मालिकों नें रायपुर के खाद्य अधिकारी श्री राठौर के साथ मिल कर 2700 की दर से भुगतान करने के नए निर्देश 5 दिसंबर 2018 को जारी कर डाले| जिसकी शिकायत पूरे  जिले के हमालों ने मिलकर  जिला कलेक्टर डॉ. बसवराजू एस. से की जिसके बाद जिला कलेक्टर ने खाद्य अधिकारी के निर्देश को निरस्त कर दिया| इससे बौखलाए राईस मिल के मालिकों ने आरंग तहसीलदार मूलचंद चोपड़ा के साथ मिलकर दबावपूर्ण तरीके से 16 वर्षों से मिल मे कार्यरत मजदूरों को हटाकर आरंग के ही काँग्रेस के नेता गणेश बाधे को काम का ठेका दे दिया,जो नए मजदूरों से काम करवाकर आर्थिक लाभ कमा रहा है| सूत्रो के मुताबिक गणेश बाधे श्रम मंत्री शिव डहरिया के करीबी बताये जा रहे हैं | छत्तीसगढ़ हमाल मजदूर संघ के महासचिव व छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष भीमराव बागड़े सहित श्रमिक प्रतिनिधिगण ने कहा कि भाजपा के शासन काल मे श्रमिकों का शोषण हो रहा था इसीलिए छत्तीसगढ़ कि जनता ने सरकार बदल दिये है और अब काँग्रेस के कुछ नेता मिलकर आर्थिक हित के लिए वर्तमान सरकार कि छवि खराब करने कि कोशिश कर रहे हैं | इतना ही नहीं मजदूरों ने शंकारगुहा नियोगी हत्याकांड कि उच्च न्यायालय के न्यायधीश द्वारा दोबारा जांच करने तथा भाजपा शासन मे आई .आर. ऐक्ट मे परिवर्तन कर उद्योगपतियों को नाजायज लाभ पहुँचाने के उद्देश्य से श्रम विभाग द्वारा चल रही कंपनियों कि जांच को भाजपा शासन द्वारा बंद करवाया गया था उसे पुनः शुरू कर जांच कि मांग की है|