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अगले 1-2 सालों में दोगुनी हो सकती है क्रॉस इंडस्ट्री हायरिंग

अगले 1-2 सालों में दोगुनी हो सकती है क्रॉस इंडस्ट्री हायरिंग

अगले एक या दो सालों में क्रॉस-इंडस्ट्री हायरिंग दोगुना होने की उम्मीद है, इसलिए तमाम संस्थाएं बड़े टैलंट को तेजी से घरों के बाहर लाने की फिराक में हैं। एचआर इंडस्ट्री के विशेषज्ञों के मुताबिक, मौजूदा समय में क्रॉस-इंडस्ट्री मूवमेंट में लैटरल हायरिंग का हिस्सा लगभग एक चौथाई है। विभिन्न उद्योगों के कामकाज में उतार-चढ़ाव की वजह से यह ट्रेंड बढ़ रहा है। हालांकि इसके कुछ दूसरे कारण भी हैं। इसका फायदा यह है कि बिजनस में नए-नए आइडियाज और बेहतरीन रणनीति पर मंथन हो रहा है। बता दें कि किसी एक सेक्टर में काम कर रहे व्यक्ति को दूसरे सेक्टर में जॉब मिलने को क्रॉस-इंडस्ट्री हायरिंग कहते हैं। 

एग्जिक्यूटिव ऐक्सेस इंडिया के एमडी रोनेश पुरी का कहना है कि उनके फर्म के लगभग 30% क्लाइंट्स की कंपनियां क्रॉस सेक्टर हायरिंग को लेकर उत्सुक हैं। यह संख्या कुछ साल पहले तक केवल 10% ही थी। रोनेश पुरी ने कहा, 'कंपनियां विविधताओं की तलाश में हैं और यह न केवल जेंडर के संबंध में बल्कि मैनेजमेंट स्ट्रक्चर के परिप्रेक्ष्य में भी है। हम किसी खास इंडस्ट्री के टैलंट को दूसरी इंडस्ट्री में लाने के चलन को रफ्तार पकड़ते हुए देख रहे हैं और अगले 6 से 12 महीनों यह और तेज हो सकता है।' 

इससे पहले यह ट्रेंड टेलिकॉम, रिटेल और आउटसोर्सिंग जैसी उभरने वाली कंपनियों तक ही सीमित था, लेकिन आज यह हेल्थकेयर, टेक्नॉलजी, एजुकेशन, फाइनैंशल सर्विस और कंज्यूमर मार्केट्स जैसे उद्योगों में भी दिखाई देता है। बीटीआई एग्जिक्युटिव सर्च/पर्सोलकी के एमडी जेम्स अग्रवाल ने कहा, 'इनोवेशन की जरूरत, टैलंट की कमी, उभरते उद्योग और हाई-डिमांड स्किल सेट की मांग क्रॉस-इंडस्ट्री हायरिंग के विकास को लगातार बढ़ावा दे रही है। जहां प्रतिस्पर्धी दुनिया में एक नया परिप्रेक्ष्य पेश करना क्रॉस-इंडस्ट्री हायरिंग को प्रोत्साहित कर रहा है, वहीं कैंडिडेट्स की सीमित संख्या के कारण दूसरे सेक्टर्स के बड़े टैलंट की मांग बढ़ रही है।' 

गौरतलब है कि भारत सहित पूरी दुनिया में लीडरशिप रोल के लिए क्रॉस-इंडस्ट्री हायरिंग खासतौर से प्रचलित है। कंसल्टेंट CHRO प्रमोद सोलंकी ने बताया कि माइक्रोसॉफ्ट इंडिया, गूगल और नेस्ले जैसी कंपनियां क्रॉस-हायरिंग की सबसे बड़ी उदाहरण हैं। लीडरशिप लेवल की क्रॉस हायरिंग के ज्यादातर मामलों में यह कंपनी का रणनीतिक हिस्सा और लॉन्ग टर्म अप्रोच होता है, जो यह बताता है कि वे रिस्क लेने के इच्छुक हैं। 

गूगल इसको लेकर बिल्कुल स्पष्ट था कि उसे अपने बिजनस के इन्वेस्टमेंट साइड के संचालन के लिए निवेश और डेटा के स्तर पर एक्सपर्ट की आवश्यकता थी। इसलिए उसने मॉर्गन स्टैनली के अनुभवी रूथ पॉरेट को सीएफओ के तौर पर नियुक्त किया और उन्हें बड़ी सफलता भी मिली। सोलंकी ने कहा, 'नेस्ले के CEO यूएलएफ मार्क श्नाइडर को यूरोपियन हेल्थकेयर कंपनी फ्रेसेनियस से हायर किया गया था क्योंकि वह नेस्ले की डिवेलपमेंट स्ट्रैटिजी में फिटनेस उत्पादों पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के लिए पूरी तरह फिट थे।