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फेसबुक दे रहा अपने यूजर्स को कमाने का मौका, बस डाउनलोड करना होगा ये ऐप

फेसबुक दे रहा अपने यूजर्स को कमाने का मौका, बस डाउनलोड करना होगा ये ऐप

डेटा ब्रीच और राइट टू प्राइवेसी की चर्चाओं के बीच अब फेसबुक आपके लिए खास ऑफर लेकर आई है, जिसमें अपनी डेटा हिस्ट्री फेसबुक के साथ शेयर कीजिए और पैसे कमाइए.  अब तक आपको आपका पर्सनल डेटा चोरी कर रही कंपनियों से शिकायत रहती होगी. लेकिन ये खबर सुनने के बाद शायद आपकी ये शिकायत खुशी में बदल जाए. क्योंकि अब आपकी इंटरनेट हैबिट जानने के बदले फेसबुक आपको पैसे दे रहा है. जी हां आप दिन भर में अपने mobile, tablets, laptop, और अन्य डिजिटल गैजेट्स में जो भी सर्च कर रहे हैं. उसकी जानकारी फेसबुक को देकर आप पैसा कमा सकते हैं. इसे ऐसे समझिए कि आपकी डिवाइस को दिन भर लगातार ट्रेस किया जाएगा, जिसमे आपके कॉल डिटेल्स, मैसेज, फोटो और वीडियो को छोड़ कर बाकी डेटा को ट्रेस करेगा. यानी कि वो सभी चीजें जिसमें आप इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं.  

इस प्रोग्राम को नाम दिया गया है 'स्टडी' जिसकी मदद से फेसबुक, अपने यूजर्स की इंटरनेट हैबिट्स पर रिसर्च करना चाहता है. फेसबुक ने ये साफ किया है कि यूजर्स से इस स्टडी में किसी तरह का id या password नहीं मांगा जाएगा. साथ ही यूजर्स के फोन से फोटो, वीडियो या मैसेज नहीं लिए जाएंगे. इस प्रोग्राम में एनरोल करने के लिए फेसबुक ऐड चलाएगा जिस से आपको प्ले स्टोर से जाकर एक ऐप डाउनलोड करनी होगी जो आपको इस प्रोग्राम में एनरोल कराएगी और इसमे सिर्फ 18 साल से ऊपर के लोग ही भाग ले सकते हैं.

जब हमने लोगों से पूछा कि क्या वो पैसों के बदले अपनी डेटा प्राइवेसी बेच देंगे तो इस पर लोगों के मिले जुले जवाब मिले, कुछ लोगों का मनना है कि उनके डेटा का गलत इस्तेमाल हो सकता है तो वहीं कुछ लोगों ने कहा कि फेसबुक के पास तो पहले ही हमारा सारा डेटा है इस पर पैसे भी मिल जाएं तो बहुत अच्छी बात है. 


एक्सपर्ट मानते हैं 100 फीसदी डेटा बिल्कुल सिक्योर नहीं होता है

साइबर एक्सपर्ट्स की मानें तो फेसबुक को हमारी इंटरनेट हैबिट जानने के लिए किसी तरह की परमिशन की जरूरत नहीं है. हम जैसे ही फेसबुक को अपने फोन में इनस्टॉल करते हैं उसी समय हम अपनी बहुत सी पर्सनल जानकारी शेयर कर देते हैं जैसे स्टोरेज, कॉन्टेक्ट्स, कैमरा. लेकिन हाल ही में फेसबुक पर लगे डेटा ब्रीच के आरोपों के बाद अब इस प्रोग्राम के जरिये फेसबुक किसी भी लीगल दिक्कतों से बचने की कोशिश कर रहा है. अब अगर फेसबुक पैसे देकर आपसे आपका स्क्रीन टाइम और इंटरनेट हैबिट्स जानने की कोशिश कर रहा है तो हो सकता है कि वो इसे अपने मार्केटिंग के साथ साथ दूसरी कंपनियों को बेचे. साइबर एक्सपर्ट प्रबेश चौधरी बताते हैं कि फेसबुक सिक्योरिटी पर बहुत काम कर रहा है लेकिन साइबर वर्ल्ड में कुछ भी 100 फीसदी सिक्योर नहीं होता है


पैसे लेकर अभी तक खुलासा नहीं

आपको बता दें कि अभी तक फेसबुक ने ये नहीं बताया है कि वो आपके डेटा के बदले कितने पैसे देगा, लेकिन ये जरूर बताया है कि आप किसी भी समय इस प्रोग्राम से बाहर आ सकते है यानी फेसबुक के साथ अपना डेटा शेयर करने से मना कर सकते हैं. हैरानी की बात ये भी है कि फेसबुक ने इस प्रोग्राम के लिए सर्फ अमेरिका और भारत के यूजर्स को ही चुना है और किसी देश के यूजर्स इसमे भाग नहीं ले सकते. फेसबुक ये भी दावा कर रहा है कि यूजर्स का डेटा पूरी तरह से सिक्योर रखा जाएगा. और फेसबुक इसे किसी थर्ड पार्टी के साथ शेयर नहीं करेगा. 


इंस्टॉल्ड ऐप की लेगा जानकारी

प्रोग्राम को जॉइन करने पर स्टडी बाई फेसबुक नाम का यह ऐप यूजर्स के फोन में इंस्टॉल्ड ऐप, उनके द्वारा यूज किए जाने वाले फीचर, किसी खास ऐप पर बिताए गए समय, देश, डिवाइस और नेटवर्क टाइप की जानकारियां इकट्ठा करेगा। फेसबुक का दावा है कि उसे इस प्रकार के ऐप्स की मार्केट रिसर्च में यूजर्स की पसंद का पता चलता है और कंपनी सिर्फ वही चीजें यूजर्स को डिलीवर करना चाहती है।

डेटा ऐक्सेस की देगा जानकारी

बीते कुछ सालों में फेसबुक की प्रिवेसी पॉलिसी पर कई सवाल उठे हैं। फेसबुक ने बताया कि वह ऐप के न केवल इंस्टॉल होने से पहले बल्कि इंस्टॉल होने के बाद भी यूजर्स को इस प्रोग्राम के तहत लिए जाने वाले डेटा टाइप की जानकारी देगा। इसके साथ ही फेसबुक ने कहा कि वह प्रोग्राम जॉइन करने वाले यूजर्स के डेटा को सेफ रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। कंपनी का कहना है कि वह इस प्रोग्राम के तहत यूजर्स के कम से कम डेटा लेगी और ऐप के कॉन्टेंट से किसी प्रकार का कोई डेटा नहीं लिया जाएगा।

यूजर्स को मिलेंगे पैसे

इस प्रोग्राम को जॉइन करने के बदले में फेसबुक यूजर्स को कितने पैसे देगा इस बारे में कंपनी की तरफ से अभी कोई जानकारी नहीं दी गई है। गौरतलब है कि पिछले बार इसी तरह के एक प्रोग्राम के तहत फेसबुक ने यूजर्स को 20 डॉलर प्रति माह का भुगतान किया था।

इन देशों में होगा शुरू

फेसबुक का यह ऐप शुरुआती दौर में अमेरिका और भारत में उपलब्ध होगा। फेसबुक ने कहा कि वह ऐप को प्रमोट करने के लिए सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म का ही इस्तेमाल करेगा। ऐड देखने के बाद जो भी यूजर्स इस प्रोग्राम से जुड़ना चाहते हैं उन्हें साइनअप करना होगा। यूजर्स की योग्यता को जांचने के बाद फेसबुक इन्हें इस ऐप को डाउनलोड करने के लिए इन्वाइट करेगा।